रेगुलर अपडेट और ताजी खबरों के लिए हमारे व्हाट्सएप ग्रुप यूट्यूब चैनल को ज्वाइन करे
https://www.aaptaknews.in/?m=1
https://whatsapp.com/channel/0029VayBqc0LikgHssxrmC2O
https://www.instagram.com/aaptaknews08?igsh=eW00NzhnYW1xOHc0
https://youtube.com/@aaptaknews-08?si=-GNoQ38LhY_MLAxf
लाइव आप तक न्यूज़ से सम्पादक की ख़ास ख़बर
कौन हैं एनकाउंटर स्पेशलिस्ट IPS अजय पाल शर्मा?
बंगाल चुनाव में एंट्री से मचा बवाल.... किया ये काम
उत्तर प्रदेश के चर्चित आईपीएस अधिकारी अजय पाल शर्मा एक बार फिर सुर्खियों में हैं. लेकिन इस बार चर्चा में आने की वजह उत्तर प्रदेश में किसी एनकाउंटर को लेकर नहीं बल्कि पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 में उनकी एंट्री को लेकर हो रही है. चुनाव आयोग ने उन्हें पुलिस ऑब्जर्वर बनाकर बंगाल भेजा है, जिसके बाद वहां की सियासत में भूचाल आ गया है.
नई दिल्ली
यूपी पुलिस के सिंघम और एनकाउंटर स्पेशलिस्ट के नाम से मशहूर आईपीएस अजय पाल शर्मा एक बार फिर सुर्खियों में आ गए हैं लेकिन इस बार चर्चा में आने का कारण कोई एनकाउंटर नहीं बल्कि पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव है. दरअसल, उन्हें पुलिस ऑब्जर्वर के तौर पर दक्षिण 24 परगना जिले में तैनात किया गया है जो तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी का प्रभावशाली क्षेत्र माना जाता है.
इस दौरान उन्होंने टीएमसी के प्रत्याशी जहांगीर खान के समर्थकों को चेतावनी दे दी जिसके बाद वह चर्चा में आ गए हैं. इसके बाद से लोग जानना चाहते हैं कि उन्होंने कहां से पढ़ाई की है और वह कौन से बैच के अधिकारी हैं.
पहले भी रहे हैं विवादों में......
बता दें कि अजय पाल शर्मा 2011 बैच के यूपी कैडर के IPS अधिकारी हैं. वह एनकाउंटर और पुलिस कार्रवाई को लेकर पहली बार विवादों में आए. वह लुधियाना के रहने वाले हैं. पिछले साल जनवरी में ही उन्हें प्रमोट करके डीआईजी रैंक दी गई थी.वह अभी प्रयागराज में एसीपी के पद पर तैनात हैं. बता दें कि अजय पाल शर्मा आईपीएस ने बीडीएस यानी बैचलर ऑफ डेंटल साइंसेज की पढ़ाई की है.
उत्तर प्रदेश के सबसे कुशल पुलिस अधिकारियों में गिने जाने वाले शर्मा ने शामली, नोएडा, जौनपुर और रामपुर में अपनी तैनाती के दौरान कई जोखिम भरे अभियानों का नेतृत्व किया है. कहा जाता है कि उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के अपराध मुक्त उत्तर प्रदेश के विजन के तहत दर्जनों मुठभेड़ों को अंजाम दिया है. इसी वजह से उन्हें मुठभेड़ एक्सपर्ट कहा जाता है.
बेदाग नहीं रहा करियर......
हालांकि, उनका करियर बेदाग नहीं रहा है. फर्जी मुठभेड़ों की शिकायतों के अलावा शर्मा पर भ्रष्टाचार के आरोप भी लगे हैं. 2020 में शामली में अकबर नाम के एक कथित अपराधी के साथ हुई मुठभेड़ पर विपक्ष ने सवाल उठाए थे. समाजवादी पार्टी ने इसे फर्जी मुठभेड़ करार दिया था. इससे एक साल पहले भी एक मुठभेड़ में सब्बीर नाम के एक संदिग्ध अपराधी और एक पुलिस कांस्टेबल की मौत के बाद सवाल उठाए गए थे।
