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​पूर्वोत्तर रेलवे यांत्रिक कारखाना गोरखपुर में पीआरकेएस का जोरदार प्रदर्शन, लेखा विभाग के उदासीन रवैये और लंबित मांगों पर जताई नाराजगी...

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​पूर्वोत्तर रेलवे यांत्रिक कारखाना गोरखपुर में पीआरकेएस का जोरदार प्रदर्शन, लेखा विभाग के उदासीन रवैये और लंबित मांगों पर जताई नाराजगी 

गोरखपुर ​पूर्वोत्तर रेलवे यांत्रिक कारखाना गोरखपुर में कर्मचारियों की विभिन्न लंबित समस्याओं को लेकर पूर्वोत्तर रेलवे कर्मचारी संघ (PRKS) ने जोरदार प्रदर्शन दिनांक 23 सितम्बर 2026 को भोजनावकाश के दौरान आयोजित इस प्रदर्शन सभा में सैकड़ों की संख्या में रेल कर्मचारी एकत्र हुए और वरिष्ठ लेखा अधिकारी (SOW) तथा लेखा विभाग के ढुलमुल रवैये के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। सभा को संबोधित करते हुए पूर्वोत्तर रेलवे कर्मचारी संघ के महामंत्री एवं एनएफआईआर के सहायक महामंत्री विनोद कुमार राय ने कहा कि केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री और यूनियन के कई पत्रों के बावजूद कर्मचारियों का कई महीनों का पीसीओ अलाउंस अभी तक जारी नहीं किया गया है। उन्होंने यांत्रिक कारखाने में कर्मचारियों द्वारा इंसेंटिव कार्य किए जाने के बावजूद उसमें की जा रही अनर्गल कटौती तथा अप्रैल 2026 से साबुन का पैसा न मिलने पर गहरा रोष व्यक्त किया।  

​इसके पश्चात केंद्रीय कोषाध्यक्ष दीपक चौधरी ने सभा को संबोधित करते हुए कर्मचारियों के उत्पीड़न और प्रशासनिक उपेक्षा पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों के अधिकारों से कोई समझौता नहीं किया जाएगा और यदि लेखा विभाग तथा कारखाना प्रशासन ने अपनी मनमानी बंद नहीं की, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। मंडल अध्यक्ष(कारखाना) ईश्वर चंद विद्यासागर कारखाने में खराब पड़े RO वाटर प्यूरीफायर, बंद पड़े पंखों और फर्निशिंग व शेल शॉप में फैले स्क्रैप का मुद्दा उठाते हुए कहा कि कर्मचारियों से उनकी योग्यता के अनुसार ही काम लिया जाए। फिटर व तकनीशियन से झाड़ू लगवाना और पर्याप्त संख्या में रेल कर्मचारी होने के बावजूद प्राइवेट कर्मचारियों से काम कराना पूरी तरह अनुचित है, जिस पर तत्काल रोक लगनी चाहिए।  

​सेवानिवृत्ति के मामलों में लेखा विभाग की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए  मंडल मंत्री (कारखाना) कुलदीप मणि त्रिपाठी ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट का स्पष्ट आदेश है कि सेवानिवृत्ति से पूर्व ही लेखा प्रक्रिया पूरी हो जानी चाहिए, लेकिन अंतिम समय में कमियां निकालकर कर्मचारियों का पैसा काटना गैर-कानूनी है। वक्ताओं ने मांग रखी कि पूर्वोत्तर रेलवे का सबसे बड़ा कारखाना होने के नाते 'वंदे भारत' का संपूर्ण कार्य गोरखपुर यांत्रिक कारखाने में ही कराया जाए, कैंटीन व्यवस्था में सुधार हो और SBE फंड के पैसों का दुरुपयोग तुरंत रोका जाए।  

​कार्यक्रम का कुशल और सफल संयोजन कारखाना युवा पदाधिकारी अंशुमाल पाठक और अभिषेक गुप्ता ने किया। पदाधिकारियों ने अपनी ऊर्जावान संचालन शैली और बेहतर प्रबंधन से सभा को पूरी तरह अनुशासित और ऐतिहासिक रूप से सफल बनाया।  

​इस विशाल प्रदर्शन में मंडल मंत्री (मुख्यालय) फिरोज़ उल हक, युथ अध्यक्ष एवं केंद्रीय सहायक महामंत्री देवेश सिंह, बृजपाल सिंह, अनिल गौतम, वाई.पी. गुप्ता, मनोज शुक्ला, दीपक पांडे, पुनीत शुक्ला, अमित सिंह, नूर ए आलम, चंदेश्वर उपाध्याय, विवेक श्रीवास्तव, गोपाल तिवारी, योगेंद्र पाल, कैलाश राजभर, गंगेश राजवंशी, धर्मेंद्र तिवारी, कमलेश राजभर, अविनाश राज, चंद्रशेखर, मनमोहन, प्रेम प्रकाश, वीरेंद्र यादव, राजकुमार यादव, अवधेश सिंह, अरविंद चौधरी, गणेश विश्वकर्मा, सुनील जी, नंदन चौधरी, राजकुमार निषाद, रंजय सोनी, मनोज, मयंक सिंह, दिनेश यादव, विजय श्रीवास्तव त्रिपाठी, बीरेंद्र शर्मा, मनमोहन यादव, धीरज यादव और गोपाल यादव सहित भारी संख्या में संघठन के पदाधिकारी एवं रेल कर्मचारी उपस्थित रहे।