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पेंशनरों के धरने को राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद का समर्थन प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री एवं जिलाधिकारी को सौंपा गया ज्ञापन

गोरखपुर 15 दिसंबर। नगर निगम स्थित रानी लक्ष्मीबाई पार्क में आज आयोजित पेंशनरों के धरने को राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद, गोरखपुर ने पूर्ण समर्थन दिया। इस अवसर पर परिषद द्वारा कर्मचारियों एवं पेंशनरों से जुड़ी विभिन्न ज्वलंत समस्याओं के समाधान हेतु जिलाधिकारी के माध्यम से माननीय प्रधानमंत्री भारत सरकार, माननीय मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश सरकार एवं जिलाधिकारी महोदय को संबोधित ज्ञापन सौंपा गया।

प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन में निम्न प्रमुख मांगें रखी गईं

आठवें वेतन आयोग का फिटमेंट फैक्टर 2.67 किया जाए, दिनांक 31 दिसंबर 2025 के पूर्व सेवानिवृत्त कर्मचारियों को भी आठवें वेतन आयोग का लाभ प्रदान किया जाए,कोरोना काल में फ्रीज किए गए अट्ठारह माह के महंगाई भत्ते (डीए) का एरियर भुगतान किया जाए,महंगाई भत्ता पचास प्रतिशत से अधिक हो चुका है, अतः इसे मूल वेतन में मर्ज किया जाए,एकीकृत पेंशन व्यवस्था (यूपीएस) के स्थान पर पुरानी पेंशन व्यवस्था (ओपीएस) बहाल की जाए,सेवानिवृत्त कर्मचारियों को रेलवे किराया रियायत पुनः बहाल की जाए।

माननीय मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन में प्रमुख मांगें

एनपीएस के अंतर्गत सेवानिवृत्त होने वाले कर्मचारियों को भी चिकित्सा प्रतिपूर्ति/कैशलेस चिकित्सा सुविधा प्रदान की जाए, कैशलेस चिकित्सा सुविधा में ओपीडी, जांच सहित संपूर्ण इलाज को शामिल किया जाए, शासन द्वारा अस्पतालों को समय से भुगतान न होने के कारण कैशलेस इलाज में आ रही बाधाओं को दूर करने हेतु ठोस व्यवस्था की जाए, जिससे कर्मचारियों को उपचार में किसी प्रकार की परेशानी न हो, बीमारी निर्धारित होने एवं सांची संस्थान से भर्ती अनुमोदन आने तक इलाज प्रारंभ न होने से मरीजों को हो रही कठिनाइयों को देखते हुए ऐसी व्यवस्था बनाई जाए कि उपचार में विलंब न हो, गंभीर बीमारियों में पांच लाख रुपये की सीमा को बढ़ाते हुए संपूर्ण इलाज का व्यय सरकार द्वारा वहन किया जाए।

जिलाधिकारी महोदय को दिए गए ज्ञापन में स्थानीय समस्याओं के समाधान हेतु मांगें

शासन की मंशा के अनुरूप प्रत्येक माह कर्मचारी संगठनों के साथ जिलाधिकारी स्तर पर वार्ता सुनिश्चित की जाए, दीनदयाल उपाध्याय कैशलेस चिकित्सा योजना के अंतर्गत इलाज न करने वाले अस्पतालों पर कड़ी कार्रवाई की जाए, चिकित्सा प्रतिपूर्ति के मामलों में अनावश्यक विलंब न हो, इसके लिए समस्त कार्यालयाध्यक्षों एवं मुख्य चिकित्सा अधिकारी को आवश्यक निर्देश दिए जाएं, कर्मचारियों के जीपीएफ/एनपीएस पासबुक एवं सेवा पुस्तिका समय से अपडेट कराई जाएं, मानव संपदा पोर्टल पर समस्त कर्मचारियों का डाटा अद्यतन कराया जाए।