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कॉल सेंटर की आड़ में विदेशी नागरिकों से साइबर ठगी करने वाला गिरोह बेनकाब पांच युवक व एक युवती गिरफ्तार, अट्ठाइस लैपटॉप समेत भारी मात्रा में इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद

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कॉल सेंटर की आड़ में विदेशी नागरिकों से साइबर ठगी करने वाला गिरोह बेनकाब पांच युवक व एक युवती गिरफ्तार, अट्ठाइस लैपटॉप समेत भारी मात्रा में इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद

गोरखपुर चिलुआताल थाना पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए कॉल सेंटर की आड़ में विदेशी नागरिकों से साइबर ठगी करने वाले एक संगठित गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने छापेमारी कर मौके से पांच युवक और एक युवती को गिरफ्तार किया है। साथ ही बड़ी संख्या में लैपटॉप, हेडफोन, मोबाइल फोन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद किए गए हैं।

यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक उत्तरी के निर्देशन, पुलिस अधीक्षक अपराध के मार्गदर्शन एवं क्षेत्राधिकारी कैम्पियरगंज के पर्यवेक्षण में की गई। पुलिस को सूचना मिली थी कि चिलुआताल थाना क्षेत्र स्थित एक तीन मंजिला मकान में अवैध रूप से कॉल सेंटर संचालित किया जा रहा है, जहां से विदेशियों को साइबर ठगी का शिकार बनाया जा रहा है।

सूचना के आधार पर गठित पुलिस टीम ने मौके पर छापा मारकर छह लोगों को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार अभियुक्तों की पहचान रूपेश सिंह, अभिषेक पाण्डेय, हर्ष आर्या, सूरज कुमार तिवारी, अश्वनी कुमार मौर्या एवं शलोनी यादव के रूप में हुई है।

छापेमारी के दौरान पुलिस ने अट्ठाइस लैपटॉप, सैंतीस हेडफोन, दो राउटर, कई मोबाइल फोन, महत्वपूर्ण दस्तावेज एवं अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद किए हैं। पूछताछ में सामने आया कि यह गिरोह ई-मेल के माध्यम से अमेरिका के नागरिकों का डेटा प्राप्त करता था। कॉल सेंटर में कार्यरत एजेंट खुद को जॉन, जॉर्ज, लेविस जैसे फर्जी नामों से परिचित कराते थे और बीमा, टैक्स रिफंड अथवा सरकारी सब्सिडी दिलाने का झांसा देकर लोगों को अपने जाल में फंसाते थे।

जब कोई विदेशी नागरिक उनकी बातों में आ जाता, तो कॉल को अमेरिका स्थित सहयोगी कंपनियों को फॉरवर्ड कर दिया जाता था, जहां ठगी की पूरी प्रक्रिया को अंजाम दिया जाता था। ठगी से प्राप्त धनराशि का एक हिस्सा अभियुक्तों को दिया जाता था।

पुलिस के अनुसार गिरफ्तार अभियुक्त रूपेश सिंह एवं अभिषेक पाण्डेय के खिलाफ पूर्व में भी लखनऊ के विभूतिखंड थाने में साइबर ठगी के मामले दर्ज हैं। गिरोह के चार अन्य सदस्य फिलहाल फरार हैं, जिनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है।

इस मामले में थाना चिलुआताल पर मुकदमा संख्या 36/26 धारा 319(2), 318(4), 336(3), 340(2) बीएनएस एवं 66डी आईटी एक्ट के तहत दर्ज कर आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है। पुलिस बरामद डिजिटल साक्ष्यों, कॉल डाटा और वित्तीय लेनदेन की गहन जांच कर रही है। अधिकारियों ने आशंका जताई है कि गिरोह के तार अन्य राज्यों और विदेशों तक भी जुड़े हो सकते हैं।

एसपी नार्थ ज्ञानेंद्र, एसपी अपराध सुधीर जायसवाल एवं सीओ कैम्पियरगंज ने पुलिस लाइन स्थित व्हाइट हाउस सभागार में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान मामले का खुलासा किया।