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लाइव आप तक न्यूज़ से सम्पादक की ख़ास ख़बर
यातायात नियमों की खुली पोल: पुलिस के सामने हूटर बजाते दौड़ रहे 'मजिस्ट्रेट' लिखे वाहन, बिना नंबर के चल रहे डंपर
गोरखपुर शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक यातायात नियमों की धज्जियां उड़ाते हुए वाहन सड़कों पर दौड़ रहे हैं, लेकिन जिम्मेदार मौन हैं। सड़कों पर बिना नंबर प्लेट के डंपर और भारी वाहन तो घूम ही रहे हैं, साथ ही हूटर बजाते हुए निजी व सरकारी स्लोगन लिखे चार पहिया वाहन भी आम लोगों के लिए परेशानी का सबब बने हुए हैं। चौराहों पर पुलिस की मौजूदगी के बावजूद इन नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों पर कोई लगाम नहीं लग पा रही है।
अधिकारी नदारद, खाली गाड़ी में बज रहा हूटर वीआईपी कल्चर की एक बानगी रविवार को गोरखपुर-सोनौली फोरलेन पर देखने को मिली, जब 'मजिस्ट्रेट' लिखी एक बोलेरो हूटर बजाते हुए तेजी से गुजरी। हैरत की बात यह थी कि इस शासकीय पदनाम वाले वाहन में चालक के अलावा कोई भी अधिकारी या अन्य व्यक्ति मौजूद नहीं था। यह गाड़ी चिलुआताल, पीपीगंज और कैंपियरगंज जैसे तीन बड़े थाना क्षेत्रों की पुलिस के सामने से होकर गुजरी, लेकिन कहीं भी इसे रोकने या टोकने की जहमत नहीं उठाई गई। इसी तरह, शनिवार को भी असुरन-मेडिकल कॉलेज मार्ग पर एक कार सरेआम हूटर बजाते हुए निकल गई।
शिक्षक की मौत के बाद किए गए दावे हवा-हवाई भारी वाहनों और डंपरों पर लगाम लगाने के प्रशासनिक दावे भी खोखले साबित हो रहे हैं। बीते 19 अक्टूबर को गोरखपुर-वाराणसी फोरलेन पर दो भारी डंपर बिना नंबर प्लेट के बेखौफ चलते पाए गए। गौरतलब है कि फरवरी महीने में चिलुआताल क्षेत्र में एक डंपर की टक्कर से बाइक सवार शिक्षक की दर्दनाक मौत हो गई थी। इस हादसे के बाद पुलिस और प्रशासन ने बड़ा अभियान चलाया था। उस वक्त दावा किया गया था कि अब सड़कों पर बिना नंबर प्लेट के डंपर नहीं चलेंगे और सभी डंपरों पर संबंधित थाने का नाम व यूनिकोड नंबर अनिवार्य रूप से दर्ज कराया जाएगा। इसके बावजूद स्थिति जस की तस बनी हुई है।
चेकिंग के दावों और हकीकत में बड़ा अंतर सड़कों पर दौड़ रहे इन रसूखदार वाहनों में अक्सर अधिकारियों के बजाय उनके सगे-संबंधी या युवा हुड़दंग मचाते दिखाई देते हैं। एक तरफ जहां यातायात पुलिस और थानों की पुलिस अपने-अपने क्षेत्रों में रोजाना चेकिंग अभियान चलाने और फोरलेन पर क्यूआरटी (क्विक रिस्पांस टीम) के गश्त करने का दम भरती है, वहीं दूसरी तरफ इन प्रतिबंधित वाहनों का थानों के सामने से बिना रोक-टोक गुजर जाना पुलिस की मुस्तैदी पर बड़े सवालिया निशान खड़े कर रहा है।
