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बिहार से इलाज कराने आए दो लापता मासूमों को कैंट पुलिस ने 12 घंटे में किया सकुशल बरामद इलाज की उम्मीद के बीच हादसा पंत पार्क के पास से अचानक गायब हुए थे बेतिया के दो मासूम...

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बिहार से इलाज कराने आए दो लापता मासूमों को कैंट पुलिस ने 12 घंटे में किया सकुशल बरामद इलाज की उम्मीद के बीच हादसा पंत पार्क के पास से अचानक गायब हुए थे बेतिया के दो मासूम

गोरखपुर अपनों से बिछड़ने का दर्द क्या होता है, यह वही जान सकता है जिसने उस खौफनाक मोड़ का सामना किया हो। बिहार से इलाज की आस में गोरखपुर आए एक परिवार के ऊपर उस वक्त दुखों का पहाड़ टूट पड़ा, जब उनके दो चिराग राहुल और  युवराज—अचानक शहर के बीचों-बीच से लापता हो गए। परिजनों की आंखों में आंसू थे, दिल में अनहोनी का डर था और जुबान पर सिर्फ एक ही दुआ थी कि उनके बच्चे सलामत मिल जाएं। बिहार के पश्चिमी चम्पारण और बेतिया से परिजन अपने इन बच्चों का इलाज कराने गोरखपुर आए थे। राज आई हॉस्पिटल में दवा लेने से पहले उन्होंने दोनों को यूनिवर्सिटी गेट स्थित पंत पार्क के पास बैठाया था। लेकिन जब वे दवा लेकर लौटे, तो वहां सन्नाटा पसरा था—दोनों बच्चे गायब थे। भरी दोपहर में अजनबी शहर के भीतर अपनों का यूं खो जाना किसी बुरे सपने जैसा था। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए एसएसपी डॉक्टर कौस्तुभ ने तत्काल कड़े निर्देश दिए। एसएसपी डॉ. कौस्तुभ के मार्गदर्शन और एसपी सिटी निमिष पाटिल के सुपरविजन में त्वरित कार्रवाई करते हुए तलाश शुरू की गई। बच्चों के लापता होने की सूचना मिलते ही थाना कैंट पुलिस तुरंत हरकत में आई। परिजनों की बेबसी और आंखों स बहते आंसू देखकर प्रभारी निरीक्षक कैंट जितेंद्र कुमार सिंह ने इसे महज़ एक 'केस' नहीं, बल्कि अपने ही घर के चिरागों की तलाश समझा। एसएसपी डॉक्टर कौस्तुभ और एसपी सिटी निमिष पाटिल की लगातार मॉनिटरिंग के तहत प्रभारी निरीक्षक जितेंद्र कुमार सिंह के नेतृत्व में विश्वविद्यालय चौकी, हॉक पैडलेगंज और हॉक कलेक्ट्रेट की विशेष टीमों का गठन कर दिन-रात एक कर दिया गया। बस अड्डों, चौराहों और रेलवे स्टेशनों पर सघन जांच शुरू हुई। पुलिस की आंखें लगातार सीसीटीवी फुटेज खंगालती रहीं। लगभग बारह घंटे का वक्त बीत चुका था, हर बीतता पल परिजनों की धड़कनें बढ़ा रहा था। तभी एसएसपी डॉ. कौस्तुभ व एसपी सिटी निमिष पाटिल के कुशल दिशा-निर्देशन और प्रभारी निरीक्षक जितेंद्र कुमार सिंह व उनकी टीम की अथक मेहनत रंग लाई। गोरखपुर रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर 04 पर दोनों लापता बच्चे सकुशल मिल गए। जब बच्चों को सुरक्षित देखा गया, तो पुलिस टीम के चेहरे पर राहत और परिजनों की आंखों में खुशी के आंसू छलक पड़े। कानूनी प्रक्रिया पूरी कर दोनों बच्चों को उनके परिजन दिवाकर चौधरी के सुपुर्द कर दिया गया। जब परिजनों ने अपने बच्चों को गले से लगाया, तो उस पल सिर्फ खुशियां और खाकी के प्रति गहरा आभार था। परिजनों ने नम आंखों से एसएसपी डॉ. कौस्तुभ, एसपी सिटी निमिष पाटिल, प्रभारी निरीक्षक जितेंद्र कुमार सिंह और पूरी गोरखपुर पुलिस का धन्यवाद करते हुए कहा कि अगर आज पुलिस फरिश्ता बनकर न खड़ी होती, तो न जाने क्या हो जाता।