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रेलवे बोर्ड पीएनएम बैठक: एनएफआईआर के नेतृत्व में पीआरकेएस ने उठाई पूर्वोत्तर रेलकर्मियों की आवाज़, सर्व-कर्मचारी हित से जुड़े ज्वलंत मुद्दों पर हुई गहन चर्चा...

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रेलवे बोर्ड पीएनएम बैठक: एनएफआईआर के नेतृत्व में पीआरकेएस ने उठाई पूर्वोत्तर रेलकर्मियों की आवाज़, सर्व-कर्मचारी हित से जुड़े ज्वलंत मुद्दों पर हुई गहन चर्चा

गोरखपुर रेल भवन, दिल्ली में आयोजित रेलवे बोर्ड स्तरीय स्थायी वार्ता तंत्र (पीएनएम) बैठक के दूसरे दिन, पूर्वोत्तर रेलवे कर्मचारी संघ (पीआरकेएस) ने नेशनल फेडरेशन ऑफ इंडियन रेलवेमेन (एनएफआईआर) के बैनर तले पूर्वोत्तर रेलवे के कर्मचारियों के हितों और प्रशासनिक विसंगतियों को पुरजोर तरीके से उठाया।

​एनएफआईआर के महामंत्री डॉ. एम. राघवैया, अध्यक्ष गुमान सिंह एवं बी. सी. शर्मा के मार्गदर्शन में, पीआरकेएस के महामंत्री एवं एनएफआईआर के सहायक महामंत्री श्री विनोद कुमार राय ने रेलवे बोर्ड के शीर्ष अधिकारियों के समक्ष पूर्वोत्तर रेलवे के तीनों मंडलों (लखनऊ, वाराणसी, इज़्ज़तनगर) तथा कारखाना इकाइयों की तकनीकी, प्रशासनिक एवं कर्मचारी कल्याण से जुड़ी मांगों को प्रमुखता से रखा।

​बैठक में उठाए गए मुख्य एवं सर्व-कर्मचारी हित के मुद्दे:

लखनऊ मंडल में शंटर-2 से शंटर-1 पदोन्नति में हो रही देरी एवं कर्मचारियों को हो रही वित्तीय क्षति का तत्काल निवारण।

स्वास्थ्य विभाग के 'लैब संवर्ग' का न्यायसंगत कैडर पुनर्गठन।

प्रयोग के तौर पर किए जा रहे मर्जर/डी-मर्जर पर तुरंत रोक लगाने तथा विभिन्न संवर्गों में लंबित पदोन्नतियों को जल्द पूरा करने की मांग।

रिक्त पड़े वरिष्ठ खंड अभियंता (एसएसई) के पदों को 100% पदोन्नति कोटे से भरने की प्रक्रिया में तेजी लाना।

एसी एस्कॉर्टिंग स्टाफ को स्लीपर की जगह एसी कोच में बर्थ आवंटन, गुणवत्तापूर्ण टूल किट एवं आधुनिक सेफ्टी गियर की उपलब्धता।

ट्रेनों में एसी और पावरकार के बीच लगे जनरल कोचों को हटाकर परिचालन सुगम बनाना।

एसी एवं टीएल संवर्गों का विलय रोकने तथा वरिष्ठता सूची पूर्ववत् अलग-अलग रखने की मांग।

सेकेंडरी (टर्मिनेटिंग) स्टेशनों पर एस्कॉर्टिंग व रनिंग स्टाफ के लिए सर्वसुविधायुक्त रनिंग रूम/रेस्ट रूम का निर्माण।

इलेक्ट्रिकल (पावर) के अंतर्गत 220V से 33kV एचटी लाइनों पर कार्यरत कर्मचारियों को अंतरराष्ट्रीय मानकों के उच्च कोटि के सेफ्टी गियर प्रदान करना तथा हाई-वोल्टेज एवं मेंटेनेंस स्टाफ हेतु सुरक्षा व जोखिम भत्ता

उच्च जोखिम वाले क्षेत्रों में कार्य कर रहे कर्मचारियों को तुरंत 'रिस्क एंड हार्डशिप अलाउंस' (जोखिम भत्ता) स्वीकृत करना।

​म्यूचुअल ट्रांसफर (पारस्परिक स्थानांतरण) में हो रही अनियमितताओं और अकारण देरी पर रोक लगाना।

म्यूचुअल ट्रांसफर पर आए कर्मचारियों को बिना किसी भेदभाव के संबंधित डिपो/स्टेशन पर ही पोस्टिंग देने का स्पष्ट निर्देश जारी करना।

ओपीएस की बहाली: रेलवे कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन योजना को पुनर्जीवित करने के संबंध में बोर्ड का ध्यान आकृष्ट किया गया।

रेलवे कॉलोनियों व अस्पतालों में सुधार: रेल कॉलोनियों में बुनियादी ढांचे (सड़क, पानी, बिजली) के रखरखाव और रेलवे अस्पतालों में दवाओं व विशेषज्ञ डॉक्टरों की उपलब्धता सुनिश्चित करना।

खाली पदों पर त्वरित भर्ती: संरक्षा एवं तकनीकी संवर्गों में वर्कलोड कम करने हेतु रिक्त पदों को तत्काल भरना।

एनएफआईआर एवं पीआरकेएस के प्रतिनिधियों ने दोहराया कि रेलकर्मियों के अधिकारों, न्यायसंगत वेतन-पदोन्नति और सुरक्षित कार्य-वातावरण के लिए संघर्ष जारी रहेगा। रेलवे बोर्ड के अधिकारियों ने सभी बिंदुओं पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करते हुए सकारात्मक दिशा-निर्देश जारी करने का आश्वासन दिया है।