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लाइव आप तक न्यूज़ से सम्पादक की ख़ास ख़बर

ग्राम प्रधानों का कार्यकाल खत्म होने से मिड-डे मील पर संकट, वैकल्पिक व्यवस्था की मांग

गोरखपुर ग्राम पंचायतों के प्रधानों का कार्यकाल समाप्त होने के बाद परिषदीय विद्यालयों में मिड-डे मील (मध्याह्न भोजन) व्यवस्था के संचालन को लेकर राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ ने चिंता जताई है। महासंघ ने जिला प्रशासन और संबंधित अधिकारियों से विद्यालय प्रबंध समिति के अध्यक्ष एवं प्रधानाध्यापक के संयुक्त हस्ताक्षर से मिड-डे मील निधि खातों के संचालन की अंतरिम व्यवस्था सुनिश्चित कराने की मांग की है।

महासंघ के जिला संयोजक जयप्रकाश मद्धेशिया , जिला सहसंयोजक धर्मेन्द्र कुमार सिंह तथा जिला सहसंयोजक महेन्द्र कुमार पटेल ने जिलाधिकारी से अनुरोध किया है कि ग्राम पंचायतों के प्रधानों का कार्यकाल 26 मई 2026 को समाप्त हो जाने के कारण विद्यालयों में मिड-डे मील निधि खातों का संचालन प्रभावित न हो। बच्चों के हित को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए तत्काल वैकल्पिक व्यवस्था लागू किए जाने की मांग की गई है।

महासंघ ने अपने पत्र में कहा है कि वर्तमान व्यवस्था के तहत विद्यालयों के मिड-डे मील निधि खातों का संचालन विद्यालय प्रबंध समिति के अध्यक्ष एवं प्रधानाध्यापक के संयुक्त हस्ताक्षर से किया जाता है। प्रधानों का कार्यकाल समाप्त होने के बाद कई स्थानों पर खाते के संचालन में कठिनाई उत्पन्न हो सकती है, जिससे मध्याह्न भोजन योजना प्रभावित होने की आशंका है।

महासंघ ने मांग की है कि नई ग्राम पंचायतों के गठन एवं सामान्य निर्वाचन 2026 के संपन्न होने तक विद्यालय प्रबंध समिति के अध्यक्ष एवं प्रधानाध्यापक के संयुक्त हस्ताक्षर से निधि खातों का संचालन सुनिश्चित किया जाए। साथ ही संबंधित खंड शिक्षा अधिकारियों एवं बैंक शाखा प्रबंधकों को आवश्यक निर्देश जारी करने की मांग की गई है। महासंघ ने स्पष्ट किया कि ऐसी व्यवस्था केवल उन विद्यालयों में लागू हो, जहां विद्यालय प्रबंध समिति का अध्यक्ष स्वयं ग्राम प्रधान पद का उम्मीदवार हो, ताकि व्यवस्था में निष्पक्षता और पारदर्शिता बनी रहे।