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रविवार से मंगलवार तक विशिष्ट अनुष्ठान में लीन रहेंगे CM योगी, गोरक्षपीठ में होगी महानिशा पूजा महानवमी पर नौ कन्याओं के पांव पखारकर करेंगे पूजन, दशहरे पर निकालेंगे विजयादशमी शोभायात्रा
गोरखपुर, 16 अक्टूबर। गोरक्षपीठ में शारदीय नवरात्र का अनुष्ठान अपने सबसे पावन पड़ाव पर पहुंच गया है। गोरक्षपीठाधीश्वर एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ रविवार से मंगलवार तक तीन दिन तक विशेष पूजा-अनुष्ठान में लीन रहेंगे।
शारदीय नवरात्र की प्रतिपदा पर गोरक्षपीठाधीश्वर ने शक्तिपीठ में कलश स्थापना की थी। इसके बाद से नियमित पूजन प्रधान पुजारी योगी कमलनाथ कर रहे हैं। अब अष्टमी से विजयादशमी तक सीएम योगी स्वयं अनुष्ठान करेंगे।
तीन दिन का कार्यक्रम:
रविवार, 18 अक्टूबर (अष्टमी): शाम को गोरक्षपीठ में महानिशा पूजा और हवन। इस दौरान सीएम लोक मंगल की कामना करेंगे।
सोमवार, 19 अक्टूबर (महानवमी): सुबह 11 बजे से कन्या पूजन। मुख्यमंत्री नौ दुर्गा स्वरूपा कन्याओं के पांव पखारेंगे, रोली-चंदन-अक्षत से तिलक कर पूजन करेंगे, भोजन कराकर दक्षिणा और उपहार देकर आशीर्वाद लेंगे। परंपरा के अनुसार बटुक पूजन भी होगा।
मंगलवार, 20 अक्टूबर (विजयादशमी): महायोगी गोरखनाथ जी का विशिष्ट पूजन और तिलकोत्सव के बाद शाम को भव्य विजयादशमी शोभायात्रा निकलेगी।
गोरखपुर की पहचान है विजयादशमी शोभायात्रा:
दशहरे पर गोरखनाथ मंदिर से निकलने वाली शोभायात्रा गोरखपुर की उत्सवी परंपरा का बड़ा आकर्षण है। गोरक्षपीठाधीश्वर की अगुवाई में यह शोभायात्रा तुरही, नगाड़े और बैंड बाजे के साथ मानसरोवर मंदिर पहुंचेगी, जहां सीएम महादेव की पूजा करेंगे। इसके बाद मानसरोवर रामलीला मैदान में प्रभु श्रीराम का राजतिलक और आरती करेंगे।
इस शोभायात्रा में सामाजिक समरसता की झलक दिखती है। मुस्लिम और बुनकर समाज के लोग भी फूल-माला लेकर स्वागत करते हैं। यूपी उर्दू अकादमी के पूर्व चेयरमैन चौधरी कैफुलवरा ने बताया कि तीन पीढ़ियों से यह परंपरा चली आ रही है।
विजयादशमी की शाम गोरखनाथ मंदिर में परंपरागत भोज का भी आयोजन होगा, जिसमें बिना किसी भेदभाव के सभी समाज के लोग शामिल होंगे।
