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लाइव आप तक न्यूज़ से सम्पादक की ख़ास ख़बर
पूर्वोत्तर रेलवे पर नेशनल फेडरेशन ऑफ इंडियन रेलवेमेन (NFIR) के निर्देश पर बोनस गणना सीमा वृद्धि को लेकर गोरखपुर में हुआ सफल समापन कार्यक्रम
गोरखपुर पूर्वोत्तर रेलवे नेशनल फेडरेशन ऑफ इंडियन रेलवेमेन (NFIR) के आह्वान पर बोनस गणना सीमा वृद्धि कों लेकर पूरे भारतीय रेल में चलाई जा रही राष्ट्रव्यापी विशेष जागरूकता और अभियान कार्यक्रम के तहत, दिनांक 6 अक्टूबर से 9 अक्टूबर तक सभी मंडलों, शाखाओं एवं केंद्रीय कार्यालयों पर विभिन्न बैठकों और सभाओं का आयोजन किया गया। इसी क्रम में आज दिनांक 9 अक्टूबर को इस अभियान के अंतिम दिन पूर्वोत्तर रेलवे कर्मचारी संघ (PRKS) के महामंत्री श्री विनोद कुमार राय जी के नेतृत्व में गोरखपुर में एक विशेष कार्यक्रम एवं जन-जागरूकता सभा का आयोजन किया गया।
इस अवसर पर महामंत्री श्री विनोद कुमार राय ने उपस्थित रेल कर्मचारियों को संबोधित करते हुए कहा कि वर्तमान में कर्मचारियों को 78 दिनों का बोनस मिल रहा है, लेकिन विडंबना यह है कि इसकी गणना अभी भी पुरानी और बेहद कम ₹7,000 की सीमा पर ही टिकी हुई है। जबकि 7वें वेतन आयोग के अनुरूप बोनस का पुनरीक्षण और इस सीमा को हटाना अत्यंत अनिवार्य हो चुका है।
बोनस की गणना सीमा को सातवें वेतन आयोग के न्यूनतम वेतन + DA से जोड़ा जाए।
₹18,000 + DA अथवा ₹21,000 की नई सीमा को तत्काल प्रभाव से लागू किया जाए।
बोनस दिनों की संख्या में वृद्धि पर गंभीरता से विचार किया जाए।
महंगाई और वर्तमान वेतन संरचना को ध्यान में रखते हुए इसका पुनरीक्षण किया जाए।
श्री विनोद कुमार राय ने कर्मचारियों को बताया कि यदि नई सीमा लागू होती है, तो 78 दिनों का यह बोनस बढ़कर लगभग ₹46,184 से ₹53,851 तक पहुँच सकता है। उन्होंने रेलवे के शानदार प्रदर्शन का हवाला देते हुए बताया कि आज रेलवे का माल ढुलाई (1614 मिलियन टन से अधिक) और यात्री यातायात लगातार बढ़ रहा है, ऐसे में कर्मचारियों को उनका हक मिलना ही चाहिए।
कार्यक्रम के अंत में उन्होंने कर्मचारियों को आश्वस्त किया कि NFIR और पूर्वोत्तर रेलवे कर्मचारी संघ सदैव कर्मचारी हित के लिए पूरी ताकत के साथ तत्पर है। संघ अंतिम समय तक और हर स्तर पर कर्मचारियों के अधिकारों के लिए यह लड़ाई मजबूती से लड़ता रहेगा।
"रेलवे कर्मचारियों को न्याय दो – पीएलबी (PLB) सीमा बढ़ाओ!" और "NFIR / PRKS ज़िंदाबाद!"
के नारों के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ। पूर्वोत्तर रेलवे कर्मचारी संघ ने सभी रेल कर्मचारियों से अपील की है कि वे संगठन से जुड़ें, एकजुट रहें और अपने अधिकारों की इस लड़ाई में पूर्ण समर्थन दें। बनारस मंडल मे
केंद्रीय अध्यक्ष, पूर्वोत्तर रेलवे कर्मचारी संघ एवं जोनल सचिव, एनएफआईआर, नई दिल्ली रमेश मिश्रा के नेतृत्व मे भी पूर्वोत्तर रेलवे कर्मचारी संघ (PRKS) और नेशनल फेडरेशन ऑफ इंडियन रेलवेमेन (NFIR) के निर्देश पर बोनस गणना सीमा वृद्धि को लेकर गोरखपुर में हुआ सफल समापन कार्यक्रम
गोरखपुर:
नेशनल फेडरेशन ऑफ इंडियन रेलवेमेन (NFIR) के आह्वान पर पूरे भारतीय रेल में चलाई जा रही राष्ट्रव्यापी विशेष जागरूकता और अभियान कार्यक्रम के तहत, दिनांक 6 अक्टूबर से 9 अक्टूबर तक सभी मंडलों, शाखाओं एवं केंद्रीय कार्यालयों पर विभिन्न बैठकों और सभाओं का आयोजन किया गया। इसी क्रम में आज दिनांक 9 अक्टूबर को इस अभियान के अंतिम दिन महामंत्री, पूर्वोत्तर रेलवे कर्मचारी संघ एवं सहायक महामंत्री, एनएफआईआर, नई दिल्ली विनोद कुमार राय के नेतृत्व में गोरखपुर में एक विशेष कार्यक्रम एवं जन-जागरूकता सभा का आयोजन किया गया।
इस अवसर पर महामंत्री श्री विनोद कुमार राय ने उपस्थित रेल कर्मचारियों को संबोधित करते हुए कहा कि वर्तमान में कर्मचारियों को 78 दिनों का बोनस मिल रहा है, लेकिन विडंबना यह है कि इसकी गणना अभी भी पुरानी और बेहद कम ₹7,000 की सीमा पर ही टिकी हुई है। जबकि 7वें वेतन आयोग के अनुरूप बोनस का पुनरीक्षण और इस सीमा को हटाना अत्यंत अनिवार्य हो चुका है।
फेडरेशन और संघ की प्रमुख मांगें:
बोनस की गणना सीमा को सातवें वेतन आयोग के न्यूनतम वेतन + DA से जोड़ा जाए।
₹18,000 + DA अथवा ₹21,000 की नई सीमा को तत्काल प्रभाव से लागू किया जाए।
बोनस दिनों की संख्या में वृद्धि पर गंभीरता से विचार किया जाए।
महंगाई और वर्तमान वेतन संरचना को ध्यान में रखते हुए इसका पुनरीक्षण किया जाए।
श्री विनोद कुमार राय ने कर्मचारियों को बताया कि यदि नई सीमा लागू होती है, तो 78 दिनों का यह बोनस बढ़कर लगभग ₹46,184 से ₹53,851 तक पहुँच सकता है। उन्होंने रेलवे के शानदार प्रदर्शन का हवाला देते हुए बताया कि आज रेलवे का माल ढुलाई (1614 मिलियन टन से अधिक) और यात्री यातायात लगातार बढ़ रहा है, ऐसे में कर्मचारियों को उनका हक मिलना ही चाहिए।
कार्यक्रम के अंत में उन्होंने कर्मचारियों को आश्वस्त किया कि NFIR और पूर्वोत्तर रेलवे कर्मचारी संघ सदैव कर्मचारी हित के लिए पूरी ताकत के साथ तत्पर है। संघ अंतिम समय तक और हर स्तर पर कर्मचारियों के अधिकारों के लिए यह लड़ाई मजबूती से लड़ता रहेगा।
"रेलवे कर्मचारियों को न्याय दो – पीएलबी (PLB) सीमा बढ़ाओ!" और "NFIR / PRKS ज़िंदाबाद!" के नारों के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ। पूर्वोत्तर रेलवे कर्मचारी संघ ने सभी रेल कर्मचारियों से अपील की है कि वे संगठन से जुड़ें, एकजुट रहें और अपने अधिकारों की इस लड़ाई में पूर्ण समर्थन दें।
केंद्रीय अध्यक्ष, पूर्वोत्तर रेलवे कर्मचारी संघ एवं जोनल सचिव, एनएफआईआर, नई दिल्ली रमेश मिश्र के नेतृव मे बनारस मंडल मे इस मुहीम के अंतर्गत कार्यक्रम का आयोजन कर कर्मचारी हित के इस माँग कों मजबूत किया गया
