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उत्पादकता लिंक्ड बोनस (PLB) की गणना सीमा बढ़ाने को लेकर पीआरकेएस के लेखा मंडल कार्यालय पर जोरदार प्रदर्शन; सरकार की नीतियों के खिलाफ रेलकर्मचारियों ने व्यक्त किया रोष...

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​उत्पादकता लिंक्ड बोनस (PLB) की गणना सीमा बढ़ाने को लेकर पीआरकेएस के लेखा मंडल कार्यालय पर जोरदार प्रदर्शन; सरकार की नीतियों के खिलाफ रेलकर्मचारियों ने व्यक्त किया रोष

गोरखपुर नेशनल फेडरेशन ऑफ़ इंडियन रेलवेमेन (NFIR), नई दिल्ली के महामंत्री डॉ. एम. राघवैया एवं अध्यक्ष गुमान सिंह के आह्वान पर, कर्मचारियों के हितों पर हो रहे लगातार अन्याय के खिलाफ पूर्वोत्तर रेलवे कर्मचारी संघ (PRKS) ने गोरखपुर मुख्यालय पर जोरदार मोर्चा खोल दिया है। इसी क्रम में पूर्वोत्तर रेलवे कर्मचारी संघ के केंद्रीय पदाधिकारियों के संयुक्त नेतृत्व में लेखा मंडल कार्यालय पर एक विशाल बैठक एवं विरोध प्रदर्शन का आयोजन किया गया।

​इस प्रदर्शन के दौरान बैनर, झंडों और नारों से गूंजते प्रांगण में बड़ी संख्या में रेलवे कर्मचारियों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई और केंद्र सरकार के विरुद्ध अपना रोष प्रकट किया।

कार्यक्रम का नेतृत्व कर रहे पूर्वोत्तर रेलवे कर्मचारी संघ के महामंत्री एवं NFIR (नई दिल्ली) के सहायक महामंत्री श्री विनोद कुमार राय ने कर्मचारियों को संबोधित करते हुए सरकार पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि "सरकार द्वारा हर साल '78 दिन का बोनस' देने का आदेश जारी कर अपनी पीठ थपथपाई जाती है और इसका जमकर प्रचार-प्रसार किया जाता है। परंतु, यह हकीकत कभी नहीं बताई जाती कि यह बोनस आज की मंहगाई या वर्तमान वेतन के बजाय छठे वेतन आयोग के पुराने वेतन (महज ₹7,000 की पुरानी सीमा) के आधार पर दिया जा रहा है, जो मेहनतकश कर्मचारियों के साथ सीधा-सीधा अन्याय है।"  

उन्होंने संकल्प जताया कि जब तक कर्मचारियों को उनका वास्तविक हक नहीं मिल जाता, संघ का यह संघर्ष अनवरत जारी रहेगा।

कार्यक्रम का संचालन कर रहे संघ के वरिष्ठ पदाधिकारी नवीन मिश्रा ने उपस्थित रेलकर्मचारियों को संबोधित करते हुये कहा कि, "​मौजूदा समय में भारतीय रेलवे का प्रदर्शन बेहद उत्कृष्ट है—माल ढुलाई 1614 मिलियन टन से अधिक और यात्री यातायात में निरंतर रिकॉर्ड वृद्धि दर्ज की जा रही है—ऐसे में कर्मठ रेल कर्मचारियों को उनका उचित हक मिलना ही चाहिए। यह एकता और हमारी यह उपस्थिति ही हमारी असली ताकत है। हमें इस संख्या में भारी वृद्धि करनी होगी; जब हमारी आवाज और संख्या में बल होगा, तभी सरकार हमारी मांगों के आगे झुकेगी और बोनस की गणना सीमा में वृद्धि करेगी। इसलिए, कल होने वाले कार्यक्रम में आप सभी अपने साथियों के साथ भारी से भारी संख्या में शामिल हों।"

​पूर्वोत्तर रेलवे कर्मचारी संघ के केंद्रीय अध्यक्ष एवं NFIR (नई दिल्ली) के जोनल सचिव श्री रमेश मिश्रा ने अपने संदेश में कहा कि सरकार कागजों पर 78 दिन का बोनस दिखाकर वाहवाही लूट रही है, जबकि हकीकत में गणना की पुरानी सीमा मात्र ₹7,000 पर रुकी हुई है। यदि सातवें वेतन आयोग के अनुरूप बोनस का पुनरीक्षण किया जाए, तो कर्मचारियों को मिलने वाली राशि में न्यायसंगत भारी वृद्धि हो सकती है।

​प्रमुख मांगें एवं मुख्य बिंदु:

* ​गणना सीमा में वृद्धि: PLB (उत्पादकता लिंक्ड बोनस) की गणना सीमा को सातवें वेतन आयोग के न्यूनतम वेतन + DA से जोड़ा जाए।

* ​नई सीमा लागू हो: ₹18,000 + DA अथवा ₹21,000 की नई सीमा तत्काल प्रभाव से लागू की जाए।

* ​बोनस दिनों में वृद्धि: बोनस दिनों की संख्या में भी वृद्धि पर गंभीरता से विचार किया जाए।

* ​न्यायसंगत पुनरीक्षण: महंगाई और वर्तमान वेतन संरचना को ध्यान में रखते हुए बोनस का पुनरीक्षण अनिवार्य किया जाए—पुरानी ₹7,000 की सीमा को तुरंत हटाया जाए।

​सरकार और रेलवे प्रशासन तक कर्मचारियों की इस बुलंद आवाज को और अधिक शक्ति के साथ पहुँचाने के लिए, कल शाम कार्य अवधि की समाप्ति के पश्चात पूर्वोत्तर रेलवे यांत्रिक कारखाना, गोरखपुर से जीएम ऑफिस (महाप्रबंधक कार्यालय) तक एक विशाल मोटरसाइकिल जुलूस निकाला जाएगा।

​महामंत्री श्री विनोद कुमार राय ने समस्त रेल कर्मचारियों से अपील की है कि वे इस मोटरसाइकिल जुलूस में रिकॉर्ड संख्या में भाग ले, ताकि पसरकार की नींद खुले और कर्मचारियों के अधिकार सुरक्षित हो सकें। कार्यक्रम के अंत में, श्री नवीन मिश्रा के सफल संचालन की सराहना करते हुए तथा इसमें भाग लेने वाले समस्त पदाधिकारियों व रेल कर्मचारियों का महामंत्री विनोद कुमार राय ने आभार व्यक्त किया।