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15 घंटे की दहशत, फिर खिल उठीं मुस्कान': खाकी का 'रक्षा कवच' बन वापस लौटीं कस्तूरबा की तीन बेटियां नाकाम हुई बिहार की प्लानिंग': आधी रात ओझल हुईं मासूमों पर खाकी का 'रक्षा चक्रव्यूह', 15 घंटे में सुरक्षित बरामद थाम रखी थीं सांसें, रो रहे थे अपने- राजघाट पुलिस की तत्परता से टला बड़ा हादसा, सुरक्षित मिलीं मासूम...

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15 घंटे की दहशत, फिर खिल उठीं मुस्कान': खाकी का 'रक्षा कवच' बन वापस लौटीं कस्तूरबा की तीन बेटियां नाकाम हुई बिहार की प्लानिंग': आधी रात ओझल हुईं मासूमों पर खाकी का 'रक्षा चक्रव्यूह', 15 घंटे में सुरक्षित बरामद थाम रखी थीं सांसें, रो रहे थे अपने- राजघाट पुलिस की तत्परता से टला बड़ा हादसा, सुरक्षित मिलीं मासूम

गोरखपुर कस्तूरबा गाँधी आवासीय बालिका विद्यालय की तीन गुमशुदा बेटियों की सुरक्षित वापसी की खबर ने न केवल उनके परिजनों बल्कि पूरे शहर की सांस में सांस ला दी है। कल रात खाना खाने के बाद अचानक ओझल हुईं इन मासूमों को राजघाट पुलिस ने रात-दिन एक करते हुए महज पन्द्रह घंटे के भीतर गोरखपुर के बिहार बस स्टैंड से सकुशल बरामद कर लिया। घटना मंगलवार (18 अगस्त) की रात की है। विद्यालय परिसर में रोजाना की तरह रात का खाना हुआ, लेकिन इसके बाद अचानक तीन छात्राएं गायब मिलीं। वार्डेन की नजर जब खाली बिस्तरों पर पड़ी, तो उनके पांव तले जमीन खिसक गई। बदहवास हालत में आनन-फानन में राजघाट थाने को सूचना दी गई। मासूम बेटियों के अचानक चले जाने की खबर से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था और पुलिस महकमे में भी हड़कंप मच गया। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक नगर निमिष पाटिल के निर्देशन में थानाध्यक्ष गौरव कुमार वर्मा के नेतृत्व में तुरंत तीन अलग-अलग टीमों का गठन किया गया। पुलिस की रात की नींद गायब हो चुकी थी। रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड और स्कूल के आसपास के सभी सीसीटीवी कैमरों को खंगालना शुरू किया गया। कैमरों की फुटेज खंगालते-खंगालते पुलिस की नजर तीनों छात्राओं पर पड़ी। मूवमेंट ट्रैक करते हुए पता चला कि वे सिंघड़िया और एम्स क्षेत्र से होती हुई एयरपोर्ट के पास स्थित बिहार बस स्टैंड पहुंची थीं, जहां से उनके बिहार की तरफ जाने की बात सामने आई। जैसे ही यह सूचना मिली कि बच्चियां बिहार की ओर निकल चुकी हैं, बिना एक पल गंवाए पुलिस की एक टीम तुरंत बिहार के लिए रवाना हो गई। लेकिन कुछ ही समय बाद पुलिस के खोजी नेटवर्क को खबर मिली कि बच्चियां रास्ते से ही किसी वाहन में सवार होकर वापस गोरखपुर लौट रही हैं। सूचना मिलते ही पुलिस की टीम ने तुरंत अपनी गाड़ी वापस मोड़ी और एयरपोर्ट के पास स्थित बिहार बस स्टैंड पर घेराबंदी की। वहां पहुंचते ही तीनों बच्चियां सही-सलामत मिल गईं। पन्द्रह घंटे से चल रहा पुलिस का यह कठिन अभियान आखिरकार रंग लाया और पुलिस की तत्परता ने तीनों बेटियों को सकुशल उनके अपनों के पास पहुंचा दिया। इस सफल अभियान में थानाध्यक्ष गौरव कुमार वर्मा, चौकी प्रभारी योगेन्द्र कुमार पाण्डेय, संजय सिंह चंदेल, आनन्द उपाध्याय सहित महिला उपनिरीक्षक पूनम और कांस्टेबल राकेश, ललित, सूरज, अजीत व महिला कांस्टेबल पुनीता राव की महत्वपूर्ण भूमिका रही। बेटियों के सही-सलामत मिलने पर परिजनों की आंखों से आंसू छलक पड़े और उन्होंने पुलिस टीम का सहदय आभार व्यक्त किया।