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अपनी मांगों को लेकर लेखपालों का आंदोलन होगा तेज : अनिल राय
गोरखपुर सदर के 25 हलकों का बस्ता जमा जनसेवाएं ठप; मांगें न मानने पर सभी 195 क्षेत्रों में कार्य बहिष्कार की चेतावनी
गोरखपुर उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ की प्रांतीय कार्यकारिणी के आह्वान पर अपनी विभिन्न लंबित एवं न्यायोचित मांगों को लेकर लेखपालों ने चरणबद्ध आंदोलन शुरू कर दिया है। इसी क्रम में पिछले दिनों अपनी मांगों को लेकर उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ तहसील शाखा सदर (गोरखपुर) ने मुख्य सचिव, उत्तर प्रदेश शासन को उपजिलाधिकारी सदर के माध्यम से एक ज्ञापन सौंपा था। अपने ज्ञापन में संघ ने स्पष्ट किया है कि यदि शासन व परिषद स्तर से उनकी मांगों पर तत्काल सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो आंदोलन को और तेज़ किया जाएगा।
तहसील के 25 क्षेत्रों का बस्ता जमा, जनता से जुड़े कार्य ठप
उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ, गोरखपुर सदर तहसील के अध्यक्ष अनिल राय ने बताया कि सदर तहसील अंतर्गत कुल 195 लेखपाल क्षेत्र (हलके) हैं। प्रांतीय आह्वान के क्रम में 22 सितंबर 2026 को सदर तहसील के लगभग 25 अतिरिक्त क्षेत्रों/हलकों का बस्ता तहसील कार्यालय में जमा करा दिया गया है।
बस्ता जमा होने से इन 25 क्षेत्रों में आम जनता से जुड़ी महत्वपूर्ण सेवाएं पूरी तरह ठप हो गई हैं। इनमें आय, जाति, निवास प्रमाण पत्र, वरासत, हैसियत प्रमाण पत्र, जमानत तस्दीक, धारा 80, धारा 98 के प्रकरण तथा अंश निर्धारण से जुड़े कार्य सीधे तौर पर प्रभावित हुए हैं। धारा 80 के अंतर्गत व्यावसायिक कन्वर्जन तथा धारा 98 के तहत अनुसूचित जाति की भूमि विक्रय की अनुमति संबंधी प्रक्रिया रुकने से शासन को मिलने वाले राजस्व की भी भारी क्षति हो रही है।
मांगें पूरी न होने पर सभी 195 हलकों में काम ठप करने की चेतावनी
अध्यक्ष अनिल राय ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि प्रांतीय कार्यकारिणी के निर्देशानुसार शासन स्तर पर वार्ता कर मांगें पूरी नहीं की गईं, तो सदर तहसील के सभी 195 लेखपाल हलकों में पूर्ण रूप से काम ठप कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि मांगों को लेकर स्थानीय लेखपालों में गहरा आक्रोश व्याप्त है।
उन्होंने यह भी कहा कि चूंकि राजस्व विभाग का प्रभार स्वयं प्रदेश के मुख्यमंत्री जी के पास है, इसलिए गोरखपुर के लेखपाल संवर्ग को यह पूरी उम्मीद व भरोसा है कि मुख्यमंत्री जी उनकी जायज और वर्षों से लंबित मांगों पर त्वरित विचार कर समाधान सुनिश्चित करेंगे।
