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अब और अधिक विशाल और आधुनिक होंगे रेलवे आवास: Type-II, III और IV क्वाटर्स का दायरा बढ़ा
गोरखपुर पूर्वोत्तर रेलवे रेलवे कर्मचारियों के बेहतर जीवन स्तर, परिवार की सुविधा और आधुनिक आवासीय परिसरों की दिशा में कदम उठाते हुए रेलवे बोर्ड ने टाइप-2 (Type-II), टाइप-3 (Type-III) और टाइप-4 (Type-IV) श्रेणी के कर्मचारियों के नए क्वार्टरों के लिए संशोधित एवं विस्तृत प्लिंथ एरिया (क्षेत्रफल) और नक्शे जारी कर दिए हैं।
इस संबंध में रेलवे बोर्ड के संयुक्त निदेशक (भूमि एवं सुविधाएं) श्री रवि मित्तल द्वारा आधिकारिक आदेश पत्र (पत्र संख्या: 2024/LMB-II/2/3, दिनांक: 02.09.2026) जारी कर सभी क्षेत्रीय रेलों, उत्पादन इकाइयों और संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों को निर्देश भेज दिए गए हैं। रेलवे बोर्ड के इस निर्णय से अब नई बहुमंजिला इमारतों में बनने वाले क्वार्टर पहले से अधिक विशाल, हवादार और आधुनिक सुविधाओं से युक्त होंगे।
इस निर्णय की जानकारी साझा करते हुए पूर्वोत्तर रेलवे कर्मचारी संघ के महामंत्री एवं नेशनल फेडरेशन ऑफ इंडियन रेलवेमेन के सहायक महामंत्री श्री विनोद कुमार राय ने नेशनल फेडरेशन ऑफ इंडियन रेलवेमेन के केंद्रीय नेतृत्व का धन्यवाद ज्ञापित किया। उन्होंने नेशनल फेडरेशन ऑफ इंडियन रेलवेमेन के महामंत्री डॉ. एम. राघवैया जी एवं अध्यक्ष श्री गुमान सिंह जी के दूरदर्शी सोच, संघर्षशील स्वभाव और निरंतर कर्मचारी-हितैषी प्रयासों के प्रति आभार व्यक्त किया। श्री विनोद राय ने कहा कि केंद्रीय नेतृत्व के अनवरत प्रयासों और रेलवे बोर्ड के समक्ष पुरजोर तरीके से उठाई गई मांगों के परिणामस्वरूप ही बोर्ड ने यह जनहितकारी कदम उठाया है।
नेशनल फेडरेशन ऑफ इंडियन रेलवेमेन लंबे समय से रेलवे कॉलोनियों और कर्मचारियों के आवासों के पुनर्विकास में व्यावहारिक सुधार, आधुनिक सुविधाओं तथा पर्याप्त जगह (क्षेत्रफल) की मांग उठाता रहा है। शहरों में बहुमंजिला इमारतों में रूपांतरण के कारण आ रही व्यावहारिक दिक्कतों को ध्यान में रखते हुए एनएफआईआर ने बोर्ड के सामने मजबूती से पक्ष रखा था, जिस पर अब रेलवे बोर्ड ने मुहर लगा दी है।
रेलवे बोर्ड द्वारा जारी नए आदेशों के अनुसार अब बहुमंजिला इमारतों (4 मंजिल एवं उससे ऊपर) में क्वार्टरों का क्षेत्रफल (बालकनी सहित) इस प्रकार होगा
टाइप-2 (Type-II) क्वार्टर: पूर्व में निर्धारित 75 वर्ग मीटर के स्थान पर अब इसे 75 से 104 वर्ग मीटर की संशोधित सीमा में बनाया जाएगा।
टाइप-3 (Type-III) क्वार्टर: पूर्व के 85 वर्ग मीटर की जगह अब 85 से 114 वर्ग मीटर का क्षेत्रफल मिलेगा।
टाइप-4 (Type-IV) क्वार्टर: पहले के (110+25) वर्ग मीटर को बढ़ाकर अब (110+25) से (130+25) वर्ग मीटर तक का बड़ा आकार दिया जाएगा।
इसके साथ ही जारी किए गए मॉडल फ्लोर प्लान में 2 बेडरूम, बड़ा लिविंग व डायनिंग एरिया, आधुनिक किचन, यूटिलिटी एरिया, पूजा घर, दो वॉशरूम और बड़ी बालकनी का प्रावधान किया गया है।
सामान ढोने के लिए अलग लिफ्ट: निवासियों की लिफ्ट के अतिरिक्त भारी सामान और लगेज ले जाने के लिए अलग से लिफ्ट की व्यवस्था होगी।
आधुनिक कचरा प्रबंधन:-
सॉलिड वेस्ट डिस्पोजल नियमों के तहत स्वच्छ और सुरक्षित वातावरण बनाए रखने के लिए विशेष गार्बेज शाफ्ट (कचरा निकासी पाइप) बनाए जाएंगे।
पर्याप्त पार्किंग व पार्क: वाहनों के लिए सुरक्षित पार्किंग स्थल और बच्चों के खेलकूद व मनोरंजन के लिए पार्क व कॉमन स्पेस अनिवार्य रूप से दिए जाएंगे।
इस जानकारी कों साझा करते हुए विनोद कुमार राय ने मांग की कि निर्माणाधीन और आगामी सभी नए रेलवे आवासों में इसी नीति को तत्काल प्रभाव से लागू किया जाए ताकि कर्मचारियों को जल्द से जल्द यह आधुनिक और व्यवस्थित आवास उपलब्ध हो सकें।
उन्होंने कहा:-
"जब एक रेल कर्मचारी ड्यूटी के बाद अपने सर्वसुविधायुक्त, विशाल और सुकूनभरे घर लौटेगा, तो उसका मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य बेहतर रहेगा। एक स्वस्थ और संतुष्ट कर्मचारी ही पूरी ऊर्जा के साथ रेल संचालन में अपना योगदान दे सकता है। कर्मचारी की पारिवारिक खुशहाली और तरक्की से ही भारतीय रेल की तरक्की होगी और यह सब मिलकर अंततः पूरे देश के सर्वांगीण विकास का मार्ग प्रशस्त करेगा।"


