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लाइव आप तक न्यूज़ से सम्पादक की ख़ास ख़बर
म्यूल खातो में साइबर अपराध के पैसे निकाल कर यूएसडीटी में बदलने वाले गिरोह का 01 नफर वांछित अभियुक्त गिरफ्तार, कब्जे से 2,51,000/- रुपये नकद, 02 अदद लैपटॉप, 01 अदद मोबाइल व 03 अदद एटीएम कार्ड बरामद
गोरखपुर थाना चिलुआताल साइबर अपराधों पर अंकुश लगाने एवं अपराधियों की गिरफ्तारी हेतु चलायें जा रहे अभियान के क्रम में, पुलिस अधीक्षक उत्तरी के मार्गदर्शन में, व क्षेत्राधिकारी कैम्पियरगंज के पर्यवेक्षण में थानाध्यक्ष चिलुआताल मय पुलिस टीम द्वारा थाना स्थानीय पर पंजीकृत मु0अ0सं0 792/2026 धारा 318(4),317(5),338,336(3) भा0न्या0सं0 एवं 66C, 66D आई0टी0 एक्ट से संबंधित वांछित अभियुक्त गोविन्द वर्मा पुत्र स्वर्गीय अच्छेलाल वर्मा निवासी असवनपार थाना गगहा जनपद गोरखपुर को दो लाख एक्यावन हजार रुपये नकद, दो अदद लैपटॉप, एक अदद मोबाइल व तीन अदद एटीएम कार्ड बरामद के साथ गिरफ्तार किया गया । अग्रिम विधिक कार्यवाही की जा रही हैं ।
बताते चलें कि प्रारम्भिक जाँच से प्रकाश में आया कि एक संगठित गिरोह द्वारा साइबर फ्रॉड एवं इन्वेस्टमेंट/ट्रेडिंग फ्रॉड से प्राप्त धनराशि को विभिन्न बैंक खातों में प्राप्त कराकर उसका अवैध रूप से हस्तांतरण किया जा रहा था। गिरोह के सदस्यों द्वारा बैंक खाते उपलब्ध कराने के बदले बीस प्रतिशत कमीशन देने का प्रलोभन दिया जाता था। लालच में आकर संबंधित व्यक्तियों द्वारा अपने बैंक खाते खुलवाकर उनकी पासबुक, एटीएम कार्ड एवं चेक गिरोह के सदस्यों को उपलब्ध कराए जाते थे। उक्त बैंक खातों में साइबर फ्रॉड एवं इन्वेस्टमेंट/ट्रेडिंग फ्रॉड से प्राप्त धनराशि जमा होने के पश्चात एटीएम एवं चेक के माध्यम से नकदी निकाली जाती थी। इसके बाद निर्धारित कमीशन काटकर शेष धनराशि को विदेशी एजेंटों के माध्यम से USDT (क्रिप्टोकरेंसी) में परिवर्तित कर निर्धारित वॉलेट एड्रेस पर भेज दिया जाता था। इस प्रकार गिरोह द्वारा विभिन्न बैंक खातों का इस्तेमाल कर साइबर अपराध से प्राप्त धनराशि को नकदी एवं क्रिप्टोकरेंसी के माध्यम से आगे हस्तांतरित करने की कार्यप्रणाली अपनाई जा रही थी।
प्रारम्भिक जाँच में कुल चौंतीस म्यूल बैंक खातों से सम्बन्धित साइबर फ्रॉड की चार करोड़ नौ लाख ग्यारह हजार सात सौ अड़तीस रुपये की शिकायतें दर्ज होना प्रकाश में आया है। उक्त शिकायतें निम्नलिखित राज्यों से सम्बन्धित हैं— बिहार, गुजरात, कर्नाटक, केरल, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, पंजाब, राजस्थान, तेलंगाना, पश्चिम बंगाल, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, उत्तराखण्ड, उत्तर प्रदेश में उक्त तथ्यों से प्रथम दृष्टया संगठित गिरोह द्वारा साइबर फ्रॉड एवं इन्वेस्टमेंट/ट्रेडिंग फ्रॉड से अर्जित धनराशि को विभिन्न म्यूल बैंक खातों के माध्यम से प्राप्त करने, नकदी निकालने तथा USDT में परिवर्तित कर आगे हस्तांतरित करने की कार्यप्रणाली परिलक्षित होती है। प्रकरण में धनराशि के वास्तविक स्रोत, खाताधारकों की भूमिका, गिरोह के अन्य सदस्यों के विरूद्ध अग्रिम जांच प्रचलित है। दिनांक 09.अक्टूबर.2026 को पांच अभियुक्तों को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में भेजा जा चुका हैं । पूछताछ के क्रम में अभियुक् गोविन्द द्वारा बताया गया कि वह अभियुक्त मकसूद आलम खाँ के लिए काम करना तथा साइबर फ्रॉड के पैसों को लैपटॉप व मोबाइल के माध्यम से USDT में कन्वर्ट कर विदेशी वॉलेट में भेजने का काम करता था ।

