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चेयरमैन पर भ्रष्टाचार व मनमानी का आरोप, 19 सभासदों ने किया बैठक का बहिष्कार नगर पंचायत पिपराइच बोर्ड की बैठक में जमकर हंगामा, सफाई व्यवस्था और झाड़ू खरीद में कमीशनखोरी का लगाया आरोप
पिपराइच, गोरखपुर। नगर पंचायत पिपराइच के बोर्ड की बैठक सोमवार दोपहर उस समय हंगामे में बदल गई, जब भाजपा सभासदों समेत कई विपक्षी सभासदों ने चेयरमैन संजय मद्देशिया पर भ्रष्टाचार, मनमानी और नगर विकास से जुड़े कार्यों में अनियमितता के आरोप लगाते हुए विरोध शुरू कर दिया। बैठक में मौजूद कुल 20 सभासदों में से 19 सभासदों ने पिछली कार्रवाई की पुष्टि के प्रस्ताव पर हस्ताक्षर करते हुए इसका विरोध किया और बैठक का बहिष्कार कर दिया।
सभासदों के हंगामे के बीच चेयरमैन बैठक छोड़कर अपने कार्यालय में चले गए।
सभासदों का आरोप है कि नगर पंचायत में विकास कार्यों को लेकर लगातार मनमानी की जा रही है। सभासद रमजान अली, दीपक चौहान, दिनेश सैनी, राजेश जायसवाल समेत अन्य सभासदों ने कहा कि वे अपने-अपने वार्डों में विकास और बेहतर सफाई व्यवस्था का वादा कर चुनाव जीते हैं। लेकिन नगर पंचायत में अपेक्षित रूप से काम नहीं होने के कारण वार्डों में समस्याएं बनी हुई हैं।
झाड़ू खरीद में कमीशन का आरोप सभासदों ने आरोप लगाया कि नगर पंचायत में सफाई व्यवस्था के लिए झाड़ू की खरीद में भी कथित तौर पर कमीशन का खेल चल रहा है। उनका कहना है कि बिना कमीशन के झाड़ू की खरीद नहीं की जाती, जिसके कारण पर्याप्त मात्रा में सफाई सामग्री उपलब्ध नहीं हो पाती और कई वार्डों में गंदगी की समस्या बनी रहती है।
सभासदों ने इस मामले में नगर पंचायत की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब नगर की सफाई व्यवस्था की जिम्मेदारी नगर पंचायत की है तो सफाई सामग्री की खरीद और उसके इस्तेमाल में पारदर्शिता होनी चाहिए।
छह महीने पहले पास प्रस्ताव का अब तक नहीं निकला टेंडर बैठक में सभासदों ने एक अन्य मुद्दा उठाते हुए कहा कि करीब छह महीने पहले बोर्ड की बैठक में कई विकास कार्यों से संबंधित प्रस्ताव पारित किए गए थे। इसके बावजूद अब तक उन प्रस्तावों के आधार पर टेंडर नहीं निकाला गया।
सभासदों का कहना है कि नियमानुसार छह महीने पहले पारित प्रस्ताव की अवधि समाप्त हो चुकी है और प्रस्ताव स्वत: निरस्त माना गया। ऐसे में अब उन्हीं कार्यों को लेकर दोबारा प्रस्ताव पारित करने की आवश्यकता क्यों पड़ रही है, यह स्पष्ट किया जाना चाहिए।
इसी मुद्दे को लेकर सभासदों ने बोर्ड बैठक में चेयरमैन से जवाब मांगते हुए विरोध जताया। हंगामा बढ़ने पर बैठक का माहौल काफी गर्म हो गया।
19 सभासदों ने कार्रवाई की पुष्टि का किया विरोध बैठक में कुल 20 सभासद मौजूद बताए गए। इनमें से 19 सभासदों ने पिछली बैठक की कार्रवाई की पुष्टि के प्रस्ताव पर हस्ताक्षर करते हुए विरोध दर्ज कराया। सभासदों के इस सामूहिक विरोध से बोर्ड बैठक में स्थिति तनावपूर्ण हो गई।
सभासदों का कहना था कि बोर्ड बैठक में पारित प्रस्तावों पर समय से कार्रवाई होनी चाहिए। विकास कार्यों में देरी और प्रस्तावों के क्रियान्वयन को लेकर सभासदों ने नगर पंचायत प्रशासन से जवाबदेही तय करने की मांग की।
आरोप निराधार सवालों का जवाब ईओ देंगी या चेयरमैन आपको बताते चले कि चेयरमैन संजय मद्देशिया ने सभासदों द्वारा लगाए गए भ्रष्टाचार और मनमानी के आरोपों को निराधार बताया। उन्होंने कहा कि उनके ऊपर लगाए गए आरोप सही नहीं हैं। बाकी सवालों का जवाब नगर पंचायत की अधिशासी अधिकारी (ईओ) द्वारा दिया जाएगा।
बैठक में चेयरमैन संजय मद्देशिया, ईओ पूजा सिंह परिहार, प्रधान लिपिक विनोद कुमार समेत करीब आधा दर्जन महिला सभासद और तीन मनोनीत सभासद मौजूद रहे। कुल 20 सभासदों की मौजूदगी में शुरू हुई बैठक में आरोप-प्रत्यारोप और हंगामे के चलते नगर पंचायत बोर्ड की बैठक की कार्यवाही प्रभावित हुई।
सभासदों के सामूहिक विरोध के बाद अब नगर पंचायत में विकास कार्यों, प्रस्तावों पर कार्रवाई और सफाई सामग्री की खरीद को लेकर उठाए गए सवालों पर नगर पंचायत प्रशासन की ओर से क्या जवाब दिया जाता है, इस पर सभी की निगाहें टिकी हैं।