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लाइव आप तक न्यूज़ से सम्पादक की ख़ास ख़बर
जीवनभर की कमाई पर साइबर ठगों का वार, सचिदानंद पाण्डेय की टीम बनी ढाल पेंशन बंद होने का डर दिखाकर छह खातों से उड़ाए 5.63 लाख, चिलुआताल पुलिस ने 5.57 लाख वापस कराकर रिटायर्ड बैंक अधिकारी को दी बड़ी राहत
गोरखपुर नौकरी के वर्षों में एक-एक रुपया जोड़कर सुरक्षित रखी गई रकम पर जब साइबर ठगों ने हमला किया तो एक सेवानिवृत्त बैंक अधिकारी के सामने मुश्किल खड़ी हो गई। ठगों ने पेंशन बंद होने का डर दिखाया और सीनियर सिटीजन कार्ड बनवाने के नाम पर ऐसा जाल बिछाया कि उनके छह बैंक खातों से पांच लाख तिरसठ हजार एक रुपये की रकम निकल गई। लेकिन ठगी की सूचना मिलते ही चिलुआताल थाना प्रभारी चिलुआताल के नेतृत्व में पुलिस की साइबर सेल उप निरीक्षक सचिदानंद पाण्डेय सक्रिय हुए और ठगों के हाथ पहुंच चुकी रकम को रोकने की कवायद शुरू कर दी।
पुलिस की तत्परता का नतीजा रहा कि पीड़ित की पांच लाख सत्तावन हजार एक रुपये की रकम वापस कराई जा सकी। राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराकर पुलिस टीम ने ठगी की रकम को होल्ड कराया। इसके बाद न्यायालय के आदेश पर अलग-अलग चरणों में पैसा पीड़ित के खाते में वापस पहुंचा।
14 जनवरी 2026 को 1,62,872.83 रुपये, 2 फरवरी को 1,85,128.17 रुपये और 5 सितंबर को 2,09,000 रुपये वापस कराए गए। यानी जीवनभर की मेहनत से जोड़ी गई लगभग पूरी रकम आखिरकार वापस मिल गई।
सचिदानंद पाण्डेय की तत्परता ने लौटाई उम्मीद
ठगी के बाद पीड़ित के लिए रकम वापस मिलने की उम्मीद बेहद कम नजर आ रही थी, लेकिन चिलुआताल पुलिस ने मामले को गंभीरता से लिया। थाना प्रभारी चिलुआताल के नेतृत्व में साइबर सेल उप निरीक्षक सचिदानंद पाण्डेय व उनकी टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए रकम को होल्ड कराने की प्रक्रिया शुरू की। पुलिस की सक्रियता और न्यायालय के आदेश के बाद बड़ी रकम पीड़ित के खाते में वापस पहुंची।
इस कार्रवाई में उप निरीक्षक फिरोज अहमद, साइबर नोडल उपनिरीक्षक सच्चिदानंद पांडेय, कांस्टेबल विवेक चौरसिया और कांस्टेबल पंकज कुमार पांडेय शामिल रहे।
यह मामला एक बार फिर बताता है कि साइबर ठगी के बाद घबराने के बजाय तत्काल पुलिस और साइबर अपराध पोर्टल पर शिकायत करना कितना महत्वपूर्ण है। कुछ समय की देरी भी मेहनत की कमाई को हमेशा के लिए ठगों तक पहुंचा सकती है।
